तथा आप रात के कुछ समय जागिए, फिर "तह़जुद[1]" पढ़िये। ये आपके लिए अधिक (नफ़्ल) है। संभव है आपका पालनहार आपको "मक़ामे मह़मूद[2]" प्रदान कर दे।
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1. तहज्जुद का अर्थ है रात के अन्तिम भाग में नमाज़ पढ़ना। 2. "मक़ामे मह़मूद" का अर्थ है प्रशंसा योग्य स्थान। और इस से अभिप्राय वह स्थान है जहाँ से आप प्रलय के दिन शफ़ाअत (सिफ़ारिश) करेंगे।


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