तथा जब उनके समक्ष हमारी खुली आयतें पढ़ी जाती हैं, तो काफ़िर ईमान वालों से कहते हैं कि (बताओ) दोनों सम्प्रदायों में किसकी दशा अच्छी है और किसकी मज्लिस (सभा) अधिक भव्य है?
तथा जब उनके समक्ष हमारी खुली आयतें पढ़ी जाती हैं, तो काफ़िर ईमान वालों से कहते हैं कि (बताओ) दोनों सम्प्रदायों में किसकी दशा अच्छी है और किसकी मज्लिस (सभा) अधिक भव्य है?