तो उनमें से अत्याचारियों ने उस बात को, दूसरी बात से[1] बदल दिया, जो उनसे कही गयी थी। तो हमने उनपर आकाश से प्रकोप उतार दिया। क्योंकि वे अत्याचार कर रहे थे।
1. और चूतड़ों के बल खिसकते और यह कहते हुये प्रवेश किया कि गेहूँ मिले। (सह़ीह़ बुख़ारीः4641)
الترجمة الهندية