और ये क़ुर्आन, ऐसा नहीं है कि अल्लाह के सिवा अपने मन से बना लिया जाये, परन्तु उन (पुस्तकों) की पुष्टि है, जो इससे पहले उतरी हैं और ये पुस्तक (क़ुर्आन) विवरण[1] है। इसमें कोई संदेह नहीं कि ये सम्पूर्ण विश्व के पालनहार की ओर से है।
1. अर्थात अल्लाह की पुस्तकों में जो शिक्षा दी गयी है उस का क़ुर्आन में सविस्तार वर्णन है।
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