क्या आपने उन्हें[1] नहीं देखा, जिन्होंने अल्लाह के अनुग्रह को कुफ़्र से बदल दिया और अपनी जाति को विनाश के घर में उतार दिया।
1. अर्थात मक्का के मुश्रिक जिन्हों ने आप का विरोध किया। (देखियेः सह़ीह़ बुख़ारीः4700)
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