कौन है, जो अल्लाह को अच्छा उधार[1] देता है, ताकि अल्लाह उसे उसके लिए कई गुना अधिक कर दे? और अल्लाह ही थोड़ा और अधिक करता है और उसी की ओर तुम सब फेरे जाओगे।
1. अर्थात जिहाद के लिये धन ख़र्च करना अल्लाह को उधार देना है।
الترجمة الهندية