जो अपना धन अल्लाह की राह में दान करते हैं, फिर दान करने के पश्चात् उपकार नहीं जताते और न (जिसे दिया हो उसे) दुःख देते हैं, उन्हीं के लिए उनके पालनहार के पास उनका प्रतिकार (बदला) है और उनपर कोई डर नहीं होगा और न ही वे उदासीन[1] होंगे।
1. अर्थात संसार में दान न करने पर कोई संताप होगा।
الترجمة الهندية