तथा उन्होंने कहा कि हमारा यही सांसारिक जीवन है। हम यहीं मरते और जीते हैं और हमारा विनाश, युग (काल) ही करता है। उन्हें इसका ज्ञान नहीं। वे केवल अनुमान की बात[1] कर रहे हैं।
1. ह़दीस में है कि अल्लाह फ़रमाता है कि मनुष्य मुझे बुरा कहता है। वह युग को बुरा कहता है जब कि युग मैं हूँ। रात और दिन मेरे हाथ में हैं। (सह़ीह़ बुख़ारीः6181) ह़दीस का अर्थ यह है कि युग को बुरा कहना अल्लाह को बुरा कहना है। क्योंकि युग में जो होता है उसे अल्लाह ही करता है।
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