हे आदम के पुत्रो! जब तुम्हारे पास तुम्हीं में से रसूल आ जायें जो तुम्हें मेरी आयतें सुना रहे हों, तो जो डरेगा और अपना सुधार कर लेगा, उसके लिए कोई डर नहीं होगा और न वे[1] उदासीन होंगे।
1. इस आयत में मानव जाति के मार्गदर्शन के लिये समय समय पर रसूलों के आने के बारे में सूचित किया गया है और बताय जा रहा है कि अब इसी नियमानुसार अंतिम रसूल मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आ गये हैं। अतः उन की बात मान लो, अन्यथा इस का परिणाम स्वयं तुम्हारे सामने आ जायेगा।
الترجمة الهندية