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title: "ترجمة سورة الدّخان - الترجمة الهندية (الهندية)"
url: "https://quranpedia.net/surah/1/44/book/1986.md"
canonical: "https://quranpedia.net/surah/1/44/book/1986"
surah_id: "44"
book_id: "1986"
book_name: "الترجمة الهندية"
author: "مولانا عزيز الحق العمري"
type: "translation"
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# ترجمة سورة الدّخان - الترجمة الهندية (الهندية)

📖 **[اقرأ النسخة التفاعلية الكاملة على Quranpedia](https://quranpedia.net/surah/1/44/book/1986)** — مع التلاوات الصوتية، البحث، والربط بين المصادر.

## Citation

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Translation of Surah الدّخان from "الترجمة الهندية" in الهندية.

### الآية 44:1

> حم [44:1]

ह़ा मीम।

### الآية 44:2

> ﻿وَالْكِتَابِ الْمُبِينِ [44:2]

शपथ है इस खुली पुस्तक की।

### الآية 44:3

> ﻿إِنَّا أَنْزَلْنَاهُ فِي لَيْلَةٍ مُبَارَكَةٍ ۚ إِنَّا كُنَّا مُنْذِرِينَ [44:3]

हमने ही उतारा है इसे\[1\] एक शुभ रात्रि में। वास्तव में, हम सावधान करने वाले हैं।
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1\. शुभ रात्रि से अभिप्राय "लैलतुल क़द्र" है। यह रमज़ान के महीने के अन्तिम दशक की एक विषम रात्रि होती है। यहाँ आगे बताया जा रहा है कि इसी रात्रि में पूरे वर्ष होने वाले विषय का निर्णय किया जाता है। इस शुभ रात की विशेषता तथा प्रधानता के लिये सूरह क़द्र देखिये। इसी शुभ रात्रि में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) पर क़ुर्आन उतरने का आरंभ हुआ। फिर 23 वर्षों तक आवश्यक्तानुसार विभिन्न समय में उतरता रहा। (देखियेः सूरह बक़रह, आयत संख्याः 185)

### الآية 44:4

> ﻿فِيهَا يُفْرَقُ كُلُّ أَمْرٍ حَكِيمٍ [44:4]

उसी (रात्रि) में निर्णय किया जाता है, प्रत्येक सुदृढ़ कर्म का।

### الآية 44:5

> ﻿أَمْرًا مِنْ عِنْدِنَا ۚ إِنَّا كُنَّا مُرْسِلِينَ [44:5]

ये (आदेश) हमारे पास से है। हम ही भेजने वाले हैं, रसूलों को।

### الآية 44:6

> ﻿رَحْمَةً مِنْ رَبِّكَ ۚ إِنَّهُ هُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ [44:6]

आपके पालनहार की दया से, वास्तव में, वह सब कुछ सुनने-जानने वाला है।

### الآية 44:7

> ﻿رَبِّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا ۖ إِنْ كُنْتُمْ مُوقِنِينَ [44:7]

जो आकाशों तथा धरती का पालनहार है तथा जो कुछ उन दोनों के बीच है, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।

### الآية 44:8

> ﻿لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ يُحْيِي وَيُمِيتُ ۖ رَبُّكُمْ وَرَبُّ آبَائِكُمُ الْأَوَّلِينَ [44:8]

नहीं है कोई वंदनीय, परन्तु वही, जो जीवन देता तथा मारता है। तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे गुज़रे हुए पूर्वजों का पालनहार है।

### الآية 44:9

> ﻿بَلْ هُمْ فِي شَكٍّ يَلْعَبُونَ [44:9]

बल्कि, वे (मुश्रिक) संदेह में खेल रहे हैं।

### الآية 44:10

> ﻿فَارْتَقِبْ يَوْمَ تَأْتِي السَّمَاءُ بِدُخَانٍ مُبِينٍ [44:10]

तो आप प्रतीक्षा करें, उस दिन का, जब आकाश खुला धूँवा\[1\] लायेगा।
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1\. इस प्रत्यक्ष धुवें तथा दुःखदायी यातना की व्याख्या सह़ीह़ ह़दीस में यह आयी है कि जब मक्कावासियों ने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का कड़ा विरोध किया तो आप ने यह शाप दिया कि हे अल्लाह! उन पर सात वर्ष का अकाल भेज दे। और जब अकाल आया तो भूक के कारण उन्हें धुवाँ जैसा दिखायी देने लगा। तब उन्हों ने आप से कहा कि आप अल्लाह से प्रार्थना कर दें। वह हम से अकाल दूर कर देगा तो हम ईमान ले आयेंगे। और जब अकाल दूर हुआ तो फिर अपनी स्थिति पर आ गये। फिर अल्लाह ने बद्र के युध्द के दिन उन से बदला लिया। (सह़ीह़ बुख़ारीः 4821, तथा सह़ीह़ मुस्लिमः2798)

### الآية 44:11

> ﻿يَغْشَى النَّاسَ ۖ هَٰذَا عَذَابٌ أَلِيمٌ [44:11]

जो छा जायेगा सब लोगों पर। यही दुःखदायी यातना है।

### الآية 44:12

> ﻿رَبَّنَا اكْشِفْ عَنَّا الْعَذَابَ إِنَّا مُؤْمِنُونَ [44:12]

(वे कहेंगेः) हमारे पालनहार! हमसे यातना दूर कर दे। निश्चय हम ईमान लाने वाले हैं।

### الآية 44:13

> ﻿أَنَّىٰ لَهُمُ الذِّكْرَىٰ وَقَدْ جَاءَهُمْ رَسُولٌ مُبِينٌ [44:13]

और उनके लिए शिक्षा का समय कहाँ रह गया? जबकि उनके पास आ गये एक रसूल (सत्य को) उजागर करने वाले।

### الآية 44:14

> ﻿ثُمَّ تَوَلَّوْا عَنْهُ وَقَالُوا مُعَلَّمٌ مَجْنُونٌ [44:14]

फिर भी वे आपसे मुँह फेर गये तथा कह दिया कि एक सिखाया हुआ पागल है।

### الآية 44:15

> ﻿إِنَّا كَاشِفُو الْعَذَابِ قَلِيلًا ۚ إِنَّكُمْ عَائِدُونَ [44:15]

हम दूर कर देने वाले हैं कुछ यातना, वास्तव में तुम, फिर अपनी प्रथम स्थिति पर आ जाने वाले हो।

### الآية 44:16

> ﻿يَوْمَ نَبْطِشُ الْبَطْشَةَ الْكُبْرَىٰ إِنَّا مُنْتَقِمُونَ [44:16]

जिस दिन हम अत्यंत कड़ी पकड़\[1\] में ले लेंगे। तो हम निश्चय बदला लेने वाले हैं।
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1\. यह कड़ी पकड़ का दिन बद्र के युध्द का दिन है। जिस में उन के बड़े-बड़े सत्तर प्रमुख मारे गये तथा इतनी ही संख्या में बंदी बनाये गये। और उन की दूसरी पकड़ क़्यामत के दिन होगी जो इस से भी बड़ी और गंभीर होगी।

### الآية 44:17

> ﻿۞ وَلَقَدْ فَتَنَّا قَبْلَهُمْ قَوْمَ فِرْعَوْنَ وَجَاءَهُمْ رَسُولٌ كَرِيمٌ [44:17]

तथा हमने परीक्षा ली इनसे पूर्व फ़िरऔन की जाति की तथा उनके पास एक आदरणीय रसूल आया।

### الآية 44:18

> ﻿أَنْ أَدُّوا إِلَيَّ عِبَادَ اللَّهِ ۖ إِنِّي لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ [44:18]

कि मुझे सौंप दो अल्लाह के भक्तों को। निश्चय मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।

### الآية 44:19

> ﻿وَأَنْ لَا تَعْلُوا عَلَى اللَّهِ ۖ إِنِّي آتِيكُمْ بِسُلْطَانٍ مُبِينٍ [44:19]

तथा अल्लाह के विपरीत घमंड न करो। मैं तुम्हारे सामने खुला प्रमाण प्रस्तुत करता हूँ।

### الآية 44:20

> ﻿وَإِنِّي عُذْتُ بِرَبِّي وَرَبِّكُمْ أَنْ تَرْجُمُونِ [44:20]

तथा मैंने शरण ली है, अपने पालनहार की तथा तुम्हारे पालनहार की इससे कि तुम मुझपर पथराव कर दो।

### الآية 44:21

> ﻿وَإِنْ لَمْ تُؤْمِنُوا لِي فَاعْتَزِلُونِ [44:21]

और यदि तुम मेरा विश्वास न करो, तो मुझसे परे हो जाओ।

### الآية 44:22

> ﻿فَدَعَا رَبَّهُ أَنَّ هَٰؤُلَاءِ قَوْمٌ مُجْرِمُونَ [44:22]

अन्ततः, मूसा ने पुकारा अपने पालनहार को, कि वास्तव में ये लोग अपराधी हैं।

### الآية 44:23

> ﻿فَأَسْرِ بِعِبَادِي لَيْلًا إِنَّكُمْ مُتَّبَعُونَ [44:23]

(हमने आदेश दिया) कि निकल जा रातों-रात, मेरे भक्तों को लेकर। निश्चय तुम्हारा पीछा किया जायेगा।

### الآية 44:24

> ﻿وَاتْرُكِ الْبَحْرَ رَهْوًا ۖ إِنَّهُمْ جُنْدٌ مُغْرَقُونَ [44:24]

तथा छोड़ दे सागर को उसकी दशा पर, खुला। वास्तव में, ये डूब जाने वाली सेना है।

### الآية 44:25

> ﻿كَمْ تَرَكُوا مِنْ جَنَّاتٍ وَعُيُونٍ [44:25]

वे छोड़ गये बहुत-से बाग़ तथा जल स्रोत।

### الآية 44:26

> ﻿وَزُرُوعٍ وَمَقَامٍ كَرِيمٍ [44:26]

तथा खेतियाँ और सुखदायी स्थान।

### الآية 44:27

> ﻿وَنَعْمَةٍ كَانُوا فِيهَا فَاكِهِينَ [44:27]

तथा सुख के साधन, जिनमें वे आन्नद ले रहे थे।

### الآية 44:28

> ﻿كَذَٰلِكَ ۖ وَأَوْرَثْنَاهَا قَوْمًا آخَرِينَ [44:28]

इसी प्राकार हुआ और हमने उनका उत्तराधिकारी बना दिया दूसरे\[1\] लोगों को।
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1\. अर्थात बनी इस्राईल (याक़ूब अलैहिस्सलाम की संतान) को।

### الآية 44:29

> ﻿فَمَا بَكَتْ عَلَيْهِمُ السَّمَاءُ وَالْأَرْضُ وَمَا كَانُوا مُنْظَرِينَ [44:29]

तो नहीं रोया उनपर आकाश और न धरती और न उन्हें अवसर (समय) दिया गया।

### الآية 44:30

> ﻿وَلَقَدْ نَجَّيْنَا بَنِي إِسْرَائِيلَ مِنَ الْعَذَابِ الْمُهِينِ [44:30]

तथा हमने बचा लिया इस्राईल की संतान को, अपमानकारी यातना से।

### الآية 44:31

> ﻿مِنْ فِرْعَوْنَ ۚ إِنَّهُ كَانَ عَالِيًا مِنَ الْمُسْرِفِينَ [44:31]

फ़िरऔन से। वास्तव में, वह चढ़ा हुआ उल्लंघनकारियों में से था।

### الآية 44:32

> ﻿وَلَقَدِ اخْتَرْنَاهُمْ عَلَىٰ عِلْمٍ عَلَى الْعَالَمِينَ [44:32]

तथा हमने प्रधानता दी उन्हें, जानते हुए, संसार वासियों पर।

### الآية 44:33

> ﻿وَآتَيْنَاهُمْ مِنَ الْآيَاتِ مَا فِيهِ بَلَاءٌ مُبِينٌ [44:33]

तथा हमने उन्हें प्रदान कीं ऐसी निशानियाँ, जिनमें खुली परीक्षा थी।

### الآية 44:34

> ﻿إِنَّ هَٰؤُلَاءِ لَيَقُولُونَ [44:34]

वास्तव में, ये\[1\] कहते हैं कि 
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1\. अर्थात मक्का के मुश्रिक कहते हैं कि संसारिक जीवन ही अन्तिम जीवन है। इस के पश्चात् परलोक का जीवन नहीं है।

### الآية 44:35

> ﻿إِنْ هِيَ إِلَّا مَوْتَتُنَا الْأُولَىٰ وَمَا نَحْنُ بِمُنْشَرِينَ [44:35]

हमें तो बस प्रथम बार मरना है तथा हम फिर जीवित नहीं किये जायेंगे।

### الآية 44:36

> ﻿فَأْتُوا بِآبَائِنَا إِنْ كُنْتُمْ صَادِقِينَ [44:36]

फिर यदि तुम सच्चे हो, तो हमारे पूर्वजों को (जीवित करके) ला दो।

### الآية 44:37

> ﻿أَهُمْ خَيْرٌ أَمْ قَوْمُ تُبَّعٍ وَالَّذِينَ مِنْ قَبْلِهِمْ ۚ أَهْلَكْنَاهُمْ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا مُجْرِمِينَ [44:37]

ये अच्छे हैं अथवा तुब्बअ की जाति\[1\] तथा जो उनसे पूर्व रहे हैं? हमने उनका विनाश कर दिया। निश्चय वे अपराधि थे।
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1\. तुब्बअ की जाति से अभिप्राय यमन की जाति सबा है। जिस के विनाश का वर्णन सूरह सबा में किया गया है। तुब्बअ ह़िम्यर जाति के शासकों की उपाधि थी जिसे उन की अवज्ञा के कारण ध्वस्त कर दिया गया। (देखियः सूरह सबा की आयतः 15 से 19 तक।)

### الآية 44:38

> ﻿وَمَا خَلَقْنَا السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا لَاعِبِينَ [44:38]

तथा हमने आकाशों और धरती को एवं जो कुछ उन दोनों के बीच है, खेल नहीं बनाया है।

### الآية 44:39

> ﻿مَا خَلَقْنَاهُمَا إِلَّا بِالْحَقِّ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَهُمْ لَا يَعْلَمُونَ [44:39]

हमने नहीं पैदा किया है उन दोनों को, परन्तु सत्य के आधार पर। किन्तु अधिक्तर लोग इसे नहीं जानते हैं।

### الآية 44:40

> ﻿إِنَّ يَوْمَ الْفَصْلِ مِيقَاتُهُمْ أَجْمَعِينَ [44:40]

निःसंदेह निर्णय\[1\] का दिन, उन सबका निश्चित समय है।
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1\. अर्थात आकाशों तथा धरती की रचना लोगों की परीक्षा के लिये की गई है। और परीक्षा फल के लिये प्रलय का समय निर्धारित कर दिया गया है।

### الآية 44:41

> ﻿يَوْمَ لَا يُغْنِي مَوْلًى عَنْ مَوْلًى شَيْئًا وَلَا هُمْ يُنْصَرُونَ [44:41]

जिस दिन, कोई साथी किसी साथी के कुछ काम नहीं आयेगा और न उनकी सहायता की जायेगी।

### الآية 44:42

> ﻿إِلَّا مَنْ رَحِمَ اللَّهُ ۚ إِنَّهُ هُوَ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ [44:42]

परन्तु, जिसपर अल्लाह की दया हो जाये, तो वास्तव में वह बड़ा प्रभावशाली, दयावान है।

### الآية 44:43

> ﻿إِنَّ شَجَرَتَ الزَّقُّومِ [44:43]

निःसंदेह ज़क्कूम (थोहड़) का वृक्ष।

### الآية 44:44

> ﻿طَعَامُ الْأَثِيمِ [44:44]

पापियों का भोजन है।

### الآية 44:45

> ﻿كَالْمُهْلِ يَغْلِي فِي الْبُطُونِ [44:45]

पिघले हुए ताँबे जैसा, जो खौलेगा पेटों में।

### الآية 44:46

> ﻿كَغَلْيِ الْحَمِيمِ [44:46]

गर्म पानी के खौलने के समान।

### الآية 44:47

> ﻿خُذُوهُ فَاعْتِلُوهُ إِلَىٰ سَوَاءِ الْجَحِيمِ [44:47]

(आदेश होगा कि) उसे पकड़ो तथा धक्का देते हुए नरक के बीच तक पहुँचा दो।

### الآية 44:48

> ﻿ثُمَّ صُبُّوا فَوْقَ رَأْسِهِ مِنْ عَذَابِ الْحَمِيمِ [44:48]

फिर बहाओ उसके सिर के ऊपर अत्यंत गर्म जल की यातना।\[1\]
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1\. ह़दीस में है कि इस से जो कुछ उस के भीतर होगा पिघल कर दोनों पाँव के बीच से निकल जायेगा, फिर उसे अपनी पहली दशा पर कर दिया जायेगा। (तिर्मिज़ीः 2582, इस ह़दीस की सनद हसन है।)

### الآية 44:49

> ﻿ذُقْ إِنَّكَ أَنْتَ الْعَزِيزُ الْكَرِيمُ [44:49]

(तथा कहा जायेगा कि) चख, क्योंकि तू बड़ा आदरणीय सम्मानित था।

### الآية 44:50

> ﻿إِنَّ هَٰذَا مَا كُنْتُمْ بِهِ تَمْتَرُونَ [44:50]

यही वह चीज़ है, जिसमें तुम संदेह कर रहे थे।

### الآية 44:51

> ﻿إِنَّ الْمُتَّقِينَ فِي مَقَامٍ أَمِينٍ [44:51]

निःसंदेह आज्ञाकारी शान्ति के स्थान में होंगे।

### الآية 44:52

> ﻿فِي جَنَّاتٍ وَعُيُونٍ [44:52]

बाग़ों तथा जल स्रोतों में।

### الآية 44:53

> ﻿يَلْبَسُونَ مِنْ سُنْدُسٍ وَإِسْتَبْرَقٍ مُتَقَابِلِينَ [44:53]

वस्त्र धारण किये हुए महीन तथा कोमल रेशम के, एक-दूसरे के सामने (आसीन) होंगे।

### الآية 44:54

> ﻿كَذَٰلِكَ وَزَوَّجْنَاهُمْ بِحُورٍ عِينٍ [44:54]

इसी प्रकार होगा तथा हम विवाह देंगे उनको ह़ूरों से।\[1\]
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1\. ह़ूर, अर्थात गोरी और बड़े-बड़े नैनों वाली स्त्रियाँ।

### الآية 44:55

> ﻿يَدْعُونَ فِيهَا بِكُلِّ فَاكِهَةٍ آمِنِينَ [44:55]

वे माँग करेंगे उसमें, प्रत्येक प्रकार के मेवों की निश्चिन्त होकर।

### الآية 44:56

> ﻿لَا يَذُوقُونَ فِيهَا الْمَوْتَ إِلَّا الْمَوْتَةَ الْأُولَىٰ ۖ وَوَقَاهُمْ عَذَابَ الْجَحِيمِ [44:56]

वे उस स्वर्ग में मौत\[1\] नहीं चखेंगे, प्रथम (सांसारिक) मौत के सिवा तथा (अल्लाह) बचा लेगा उन्हें, नरक की यातना से।
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1\. ह़दीस में है कि जब स्वर्गी स्वर्ग में और नारकी नरक में चले जायेंगे तो मौत को स्वर्ग और नरक के बीच ला कर वध कर दिया जायेगा। और एलान कर दिया जायेगा कि अब मौत नहीं होगी। जिस से स्वर्गी प्रसन्न हो जायेंगे और नारकियों को शोक पर शोक हो जायेगा। (सह़ीह़ बुख़ारीः 6548, सह़ीह़ मुस्लिमः2850)

### الآية 44:57

> ﻿فَضْلًا مِنْ رَبِّكَ ۚ ذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْعَظِيمُ [44:57]

आपके पालनहार की दया से, वही बड़ी सफलता है।

### الآية 44:58

> ﻿فَإِنَّمَا يَسَّرْنَاهُ بِلِسَانِكَ لَعَلَّهُمْ يَتَذَكَّرُونَ [44:58]

तो हमने सरल कर दिया इस (क़ुर्आन) को आपकी भाषा में, ताकि वे शिक्षा ग्रहण करें।

### الآية 44:59

> ﻿فَارْتَقِبْ إِنَّهُمْ مُرْتَقِبُونَ [44:59]

अतः, आप प्रतीक्षा करें,\[1\] वे भी प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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1\. अर्थात परिणाम की।

## روابط ذات صلة

- [النص القرآني للسورة](https://quranpedia.net/surah/1/44.md)
- [كل تفاسير سورة الدّخان
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- [صفحة الكتاب: الترجمة الهندية](https://quranpedia.net/book/1986.md)
- [المؤلف: مولانا عزيز الحق العمري](https://quranpedia.net/person/1761.md)

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