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title: "ترجمة سورة الإنفطار - الترجمة الهندية (الهندية)"
url: "https://quranpedia.net/surah/1/82/book/1986.md"
canonical: "https://quranpedia.net/surah/1/82/book/1986"
surah_id: "82"
book_id: "1986"
book_name: "الترجمة الهندية"
author: "مولانا عزيز الحق العمري"
type: "translation"
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# ترجمة سورة الإنفطار - الترجمة الهندية (الهندية)

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## Citation

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Translation of Surah الإنفطار from "الترجمة الهندية" in الهندية.

### الآية 82:1

> إِذَا السَّمَاءُ انْفَطَرَتْ [82:1]

जब आकाश फट जायेगा।

### الآية 82:2

> ﻿وَإِذَا الْكَوَاكِبُ انْتَثَرَتْ [82:2]

तथा जब तारे झड़ जायेंगे।

### الآية 82:3

> ﻿وَإِذَا الْبِحَارُ فُجِّرَتْ [82:3]

और जब सागर उबल पड़ेंगे।

### الآية 82:4

> ﻿وَإِذَا الْقُبُورُ بُعْثِرَتْ [82:4]

और जब समाधियाँ (क़बरें) खोल दी जायेंगी।

### الآية 82:5

> ﻿عَلِمَتْ نَفْسٌ مَا قَدَّمَتْ وَأَخَّرَتْ [82:5]

तब प्रत्येक प्राणी को ज्ञान हो जायेगा, जो उसने किया है और नहीं किया है।\[1\]
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1\. (1-5) इन में प्रलय के दिन आकाश ग्रहों तथा धरती और समाधियों पर जो दशा गुज़रेगी उस का चित्रण किया गया है। तथा चेतावनी दी गई है कि सब के कर्तूत उस के सामने आ जायेंगे।

### الآية 82:6

> ﻿يَا أَيُّهَا الْإِنْسَانُ مَا غَرَّكَ بِرَبِّكَ الْكَرِيمِ [82:6]

हे इन्सान! तुझे किस वस्तु ने तेरे उदार पालनहार से बहका दिया?

### الآية 82:7

> ﻿الَّذِي خَلَقَكَ فَسَوَّاكَ فَعَدَلَكَ [82:7]

जिसने तेरी रचना की, फिर तुझे संतुलित बनाया।

### الآية 82:8

> ﻿فِي أَيِّ صُورَةٍ مَا شَاءَ رَكَّبَكَ [82:8]

जिस रूप में चाहा बना दिया।\[1\]
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1\. (6-8) भावार्थ यह है कि इन्सान की पैदाइश में अल्लाह की शक्ति, दक्ष्ता तथा दया के जो लक्षण हैं, उन के दर्पण में यह बताया गया है कि प्रलय को असंभव न समझो। यह सब व्यवस्था इस बात का प्रमाण है कि तुम्हारा अस्तित्व व्यर्थ नहीं है कि मनमानी करो। (देखियेः तर्जुमानुल क़ुर्आन, मौलाना अबुला कलाम आज़ाद) इस का अर्थ यह भी हो सकता है कि जब तुम्हारा अस्तित्व और रूप रेखा कुछ भी तुम्हारे बस नहीं, तो फिर जिस शक्ति ने सब किया उसी की शक्ति में प्रलय तथा प्रतिकार के होने को क्यों नहीं मानते?

### الآية 82:9

> ﻿كَلَّا بَلْ تُكَذِّبُونَ بِالدِّينِ [82:9]

वास्तव में तुम प्रतिफल (प्रलय) के दिन को नहीं मानते।

### الآية 82:10

> ﻿وَإِنَّ عَلَيْكُمْ لَحَافِظِينَ [82:10]

जबकि तुमपर निरीक्षक (पासबान) हैं।

### الآية 82:11

> ﻿كِرَامًا كَاتِبِينَ [82:11]

जो माननीय लेखक हैं।

### الآية 82:12

> ﻿يَعْلَمُونَ مَا تَفْعَلُونَ [82:12]

वे जो कुछ तुम करते हो, जानते हैं।\[1\]
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1\. (9-12) इन आयतों में इस भ्रम का खण्डन किया गया है कि सभी कर्मों और कथनों का ज्ञान कैसे हो सकता है।

### الآية 82:13

> ﻿إِنَّ الْأَبْرَارَ لَفِي نَعِيمٍ [82:13]

निःसंदेह, सदाचारी सुखों में होंगे।

### الآية 82:14

> ﻿وَإِنَّ الْفُجَّارَ لَفِي جَحِيمٍ [82:14]

और दुराचारी नरक में।

### الآية 82:15

> ﻿يَصْلَوْنَهَا يَوْمَ الدِّينِ [82:15]

प्रतिकार (बदले) के दिन उसमें झोंक दिये जायेंगे।

### الآية 82:16

> ﻿وَمَا هُمْ عَنْهَا بِغَائِبِينَ [82:16]

और वे उससे बच रहने वाले नहीं।\[1\]
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1\. (13-16) इन आयतों में सदाचारियों तथा दुराचारियों का परिणाम बताया गया है कि एक स्वर्ग के सुखों में रहेगा और दूसरा नरक के दण्ड का भागी बनेगा।

### الآية 82:17

> ﻿وَمَا أَدْرَاكَ مَا يَوْمُ الدِّينِ [82:17]

और तुम क्या जानो कि बदले का दिन क्या है?

### الآية 82:18

> ﻿ثُمَّ مَا أَدْرَاكَ مَا يَوْمُ الدِّينِ [82:18]

फिर तुम क्या जानो कि बदले का दिन क्या है?

### الآية 82:19

> ﻿يَوْمَ لَا تَمْلِكُ نَفْسٌ لِنَفْسٍ شَيْئًا ۖ وَالْأَمْرُ يَوْمَئِذٍ لِلَّهِ [82:19]

जिस दिन किसी का किसी के लिए कोई अधिकार नहीं होगा और उस दिन सब अधिकार अल्लाह का होगा।\[1\]
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1\. (17-19) इन आयतों में दो वाक्यों में प्रलय की चर्चा दोहरा कर उस की भ्यानकता को दर्शाते हुये बताया गया है कि निर्णय बे लाग होगा। कोई किसी की सहायता नहीं कर सकेगा। सत्य आस्था और सत्कर्म ही सहायक होंगे जिस का मार्ग क़ुर्आन दिखा रहा है। क़ुर्आन की सभी आयतों में प्रतिकार का दिन प्रलय के दिन को ही बताया गया है जिस दिन प्रत्येक मनुष्य को अपने कर्मानुसार प्रतिकार मिलेगा।

## روابط ذات صلة

- [النص القرآني للسورة](https://quranpedia.net/surah/1/82.md)
- [كل تفاسير سورة الإنفطار
](https://quranpedia.net/surah-tafsir/82.md)
- [ترجمات سورة الإنفطار
](https://quranpedia.net/translations/82.md)
- [صفحة الكتاب: الترجمة الهندية](https://quranpedia.net/book/1986.md)
- [المؤلف: مولانا عزيز الحق العمري](https://quranpedia.net/person/1761.md)

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