[ النبأ : ٣٦ ] : لأن الأول للكفّار ؛ فناسب ذكر : ؟ - ( - - - ((- ﷺ - ؟ [ النبأ : ٢٦ ] أي : جزاءً موافقاً لأعمالهم ؛ كما قال تعالى : ؟ } - (- رضي الله عنه -(- رضي الله عنه - - - رضي الله عنهم - - - عليه السلام -- ﷺ - - ﴿ - رضي الله عنهم - { ( - - - رضي الله عنهم - - ( { - رضي الله عنهم - { ( - - - رضي الله عنهم - - - - رضي الله عنهم - - ( - ( الله ( ﴾ تم بحمد الله ؟ [ الشورى : ٤٠ ].
والثاني للمؤمنين ؛ فناسب ذكر : ؟ - - - - - - ( مقدمة ؟ [ النبأ : ٣٦ ] أي : كافياً وافياً لأعمالهم، من قولك : حسبي، أي : كفاني " (١).
(١)... فتح الرحمن : ص ٦١٠، وانظر أمثلة أخرى لهذه القاعدة في نوع الاختلاف في الإبدال : ص ٢٢٦، ٢٤٠، ٢٤٦، ٣٢٠، ٤٠٠، ٤٠٧، ٤٧١، ٥١٢، ٥١٩، ٥٥١، درة التنزيل : ١/ ٤٠٧، ٤٦٦، ٣/ ١٢٥٥، البرهان للكرماني : ص ١٥٦، ١٦٣، ١٦٤، ٢٥٧، ٢٥٩، ٣١٥، ٣١٧، ملاك التأويل : ١/ ٢٦٤، ٣١٢، ٣٢٤، ٣٤٧، ٣٧٩، ٤٩٥، ٢/ ١٠٩٣، كشف المعاني : ١٣٨، ١٩٤، ١٩٦، ١٩٩، ٢٤٢، ٣٠٧، ٣٣٣.