Tafsir sa Sura الفيل sa الهندية gikan sa الترجمة الهندية
Verse 1
क्या तुम नहीं जानते कि तेरे पालनहार ने हाथी वाले के साथ क्या किया?
Verse 2
ﮕﮖﮗﮘﮙ
ﮚ
क्या उसने उनकी चाल को विफल नहीं कर दिया?
Verse 3
ﮛﮜﮝﮞ
ﮟ
और उनपर पंक्षियों के दल भेजे।
Verse 4
ﮠﮡﮢﮣ
ﮤ
जो उनपर पकी कंकरी के पत्थर फेंक रहे थे।
Verse 5
ﮥﮦﮧ
ﮨ
तो उन्हें ऐसा कर दिया, जैसे खाने का भूसा।[1]
1. (1-5) इस सूरह का लक्ष्य यह बताना है कि काबा को आक्रमण से बचाने के लिये तुम्हारे देवी देवता कुछ काम न आये। क़ुरैश के प्रमुखों ने अल्लाह ही से दुआ की थी और उन पर इस का इतना प्रभाव पड़ा था कि कई वर्षों तक साधारण नागरिकों तक ने भी अल्लाह के सिवा किसी की पुजा नहीं की थी। यह बात नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पैदाइश से कुछ पहले की थी और वहाँ बहुत सारे लोग अभी जीवित थे जिन्होंने यह चित्र अपने नेत्रों से देखा था। अतः उन से यह कहा जा रहा है कि मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जो आमंत्रण दे रहे हैं वह यही तो है कि अल्लाह के सिवाय किसी की पूजा न की जाये, और इस को दबाने का परिणाम वही हो सकता है जो हाथी वालों का हुआ। (इब्ने कसीर)
تقدم القراءة