ترجمة معاني سورة مريم باللغة البنغالية من كتاب الترجمة البنغالية للمختصر في تفسير القرآن الكريم

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عادل صلاحي

الترجمة البنغالية للمختصر في تفسير القرآن الكريم

آية رقم 1
১. কাফ-হা-ইয়া-আইন-সাদ। সূরা বাকারার শুরুতে এ জাতীয় অক্ষর সমষ্টিকে নিয়ে আলোচনা হয়েছে।
آية رقم 2
২. এটি মূলতঃ আল্লাহর বান্দা যাকারিয়া (আলাইহিস-সালাম) এর সাথে তাঁর প্রতিপালকের রহমতের বর্ণনা। শিক্ষা গ্রহণের জন্য আমি আপনার নিকট তা বর্ণনা করছি।
آية رقم 3
৩. তিনি তাঁর প্রতিপালককে গোপনভাবে ডেকেছেন। যাতে তা বেশি গ্রহণীয় হয়।
৪. তিনি বললেন: হে আমার প্রতিপালক! আমার হাড়গুলো জীর্ণশীর্ণ হয়ে গেছে এবং আমার মাথার চুল বেশিরভাগ পেকে গেছে। আর আমি কখনো আপনার নিকট দু‘আ করে নিষ্ফল হইনি। বরং যখনই আমি আপনার নিকট দু‘আ করেছি আপনি আমার ডাকে সাড়া দিয়েছেন।
৫. আমি ভয় পাচ্ছি যে, আমার মৃত্যুর পর আমার আত্মীয়-স্বজনরা দুনিয়াদারীতে মগ্ন থাকার দরুন ধর্মের দাবিটুকু আদায় করবে না। অথচ আমার স্ত্রী বন্ধ্যা; তার কোন বাচ্চা হবে না। তাই আপনি আমাকে আপনার নিজ পক্ষ থেকে একটি সাহায্যকারী সন্তান দিন।
৬. যে আমার ও ইয়াকুব (আলাইহিস-সালাম) এর নবুওয়াতের উত্তরাধিকার পাবে। হে আমার প্রতিপালক! আপনি তাকে ধর্ম, চরিত্র ও জ্ঞানে একজন সন্তোষজনক ব্যক্তি বানিয়ে দিন।
৭. আল্লাহ তা‘আলা তাঁর দু‘আ কবুল করলেন এবং তাঁকে ডাক দিয়ে বললেন: হে যাকারিয়া! আমি আপনাকে এ সুসংবাদ দিচ্ছি যে, আমি আপনার দু‘আ কবুল করেছি এবং আপনাকে এমন এক ছেলে দিয়েছি যার নাম হবে ইয়াহয়া। আমি ইতিপূর্বে এ নামে আর অন্য কারো নাম রাখিনি।
৮. যাকারিয়া (আলাইহিস-সালাম) আল্লাহর ক্ষমতায় আশ্চর্য হয়ে বললেন: আমার কীভাবে সন্তান হবে; অথচ আমার স্ত্রী বন্ধ্যা; তার কোন সন্তান হয় না। আর আমি বৃদ্ধ হয়ে শেষ বয়সে পৌঁছে গিয়েছি এবং আমার হাড়গুলো জীর্ণশীর্ণ হয়ে গেছে?!
৯. সংবাদদাতা ফিরিশতা বললেন: ব্যাপারটি তেমনই যেমন আপনি বলেছেন। আপনার স্ত্রীর সন্তান হয় না। আর আপনি বৃদ্ধ হয়ে শেষ বয়সে পৌঁছে গিয়েছেন এবং আপনার হাড়গুলো জীর্ণশীর্ণ হয়ে গেছে। কিন্তু আপনার প্রতিপালক বলেন: বন্ধ্যা মা এবং শেষ বয়সে পৌঁছে যাওয়া পিতা থেকে আপনার প্রতিপালকের জন্য ইয়াহয়াকে সৃষ্টি করা খুবই সহজ। হে যাকারিয়া! আমি তো ইতিপূর্বে আপনাকেও সৃষ্টি করেছি। অথচ আপনি তখন উল্লেখযোগ্য কোন কিছুই ছিলেন না। কারণ, আপনি ছিলেন তখন না থাকারই পর্যায়ে।
১০. যাকারিয়া (আলাইহিস-সালাম) বললেন: হে আমার প্রতিপালক! আপনি আমার জন্য একটি মনঃপূত আলামত ঠিক করুন যা ফিরিশতাদের দেয়া সুসংবাদ হাসিল হওয়া বুঝাবে। তিনি বললেন: আপনাকে দেয়া সুসংবাদ হাসিল হওয়ার আলামত হলো আপনি কোন রোগ ছাড়াই তিন দিন মানুষের সাথে কথা বলবেন না। বরং আপনি তখন সুস্থ ও রোগমুক্ত।
১১. অতঃপর যাকারিয়া (আলাইহিস-সালাম) নিজ নামাযের জায়গা থেকে তাঁর সম্প্রদায়ের নিকট বেরিয়ে এসে কোন কথা ছাড়াই তাদের দিকে ইশারা করে বললেন: তোমরা দিনের শুরু ও শেষে আল্লাহর পবিত্রতা বর্ণনা করো।
آية رقم 12
১২. পরিশেষে যাকারিয়া (আলাইহিস-সালাম) এর সন্তান ইয়াহয়া জন্ম নিলো। সে যখন সম্বোধন করার বয়সে পৌঁছালো তখন আমি তাকে বললাম: হে ইয়াহয়া! তুমি তাওরাতকে সত্যিকারার্থেই শক্ত করে ধরো। আমি তাকে তার বাচ্চা বয়সেই বুঝ, জ্ঞান, বাস্তবিকতা ও দৃঢ়তা দিলাম।
آية رقم 13
১৩. আর আমি তাকে নিজ পক্ষ থেকে দয়াপরবশ হয়ে সকল গুনাহ থেকে পবিত্র করেছি। সে ছিলো আল্লাহর আদেশ-নিষেধ মানা সত্যিকারেরই একজন মুত্তাকী।
آية رقم 14
১৪. সে আরো ছিলো মাতা-পিতার সাথে সদাচারী, নম্রভদ্র ও দয়াবান। উপরন্তু সে তার প্রতিপালক এবং তার মাতা-পিতার আনুগত্যের ব্যাপারে অহঙ্কারী ও নাফরমান ছিলো না।
১৫. তার উপর আল্লাহ তা‘আলার পক্ষ থেকে শান্তি ও নিরাপত্তা বর্ষিত হোক যেদিন সে জন্ম গ্রহণ করেছে এবং যেদিন সে মারা যাবে ও এ দুনিয়া থেকে বেরিয়ে পড়বে। উপরন্তু যেদিন তাকে কিয়ামতের দিবসে জীবন্ত উঠানো হবে। এ তিনটি জায়গা সবচেয়ে বেশি অসহায়ত্বের যা মানুষ অতিক্রম করবে। এ জায়গাগুলোতে সে নিরাপত্তা পেলে অন্য কোথাও সে আর ভয় পাবে না।
১৬. হে রাসূল! আপনি নিজের উপর নাযিলকৃত কুর‘আনে মারইয়াম (আলাইহাস-সালাম) এর বৃত্তান্ত উল্লেখ করুন। একদা তিনি নিজ পরিবার থেকে দূরে সরে গিয়ে পূর্ব দিকের এক জায়গায় একাকী অবস্থান করলেন।
১৭. তিনি নিজের জন্য একটি পর্দা টেনে নিলেন যা তাঁকে তাঁর সম্প্রদায় থেকে লুকিয়ে রাখে। যাতে তারা তাঁকে নিজ প্রতিপালকের ইবাদাতের সময় না দেখে। এমন সময় আমি জিব্রীল (আলাইহিস-সালাম) কে তার নিকট পাঠালাম। তখন জিব্রীল (আলাইহিস-সালাম) তাঁর নিকট এক পরিপূর্ণ মানুষের আকৃতি ধারণ করলেন। ফলে তিনি এ কথা ভেবে ভয় পেয়ে গেলেন যে, মনে হয় জিব্রীল (আলাইহিস-সালাম) তথা এ মানুষটি তাঁর সাথে কোন খারাপ কর্ম করতে চাইছে।
آية رقم 18
১৮. যখন তিনি জিব্রীল (আলাইহিস-সালাম) কে এক পরিপূর্ণ মানুষের ছবিতে তার দিকে অগ্রসর হতে দেখলেন তখন তিনি বললেন: এই যে, যদি আপনি আল্লাহভীরু কোন মুত্তাকী মানুষ হয়ে থাকেন তাহলে আমি আপনার পক্ষ থেকে কোন অকল্যাণ সংঘটিত হওয়ার ব্যাপারে আমার দয়ালু প্রভুর আশ্রয় কামনা করছি।
১৯. জিব্রীল (আলাইহিস-সালাম) বললেন: আমি কোন মানুষ নই। বরং আমি আপনার প্রতিপালকের পক্ষ থেকে একজন দূত মাত্র। তিনি আমাকে আপনার নিকট পাঠিয়েছেন যাতে আমি আপনাকে একটি পবিত্র নেককার সন্তান দিয়ে দেই।
২০. মারইয়াম (আলাইহাস-সালাম) আশ্চর্য হয়ে বললেন: আমার কীভাবে সন্তান হবে; আমার নিকট স্বামী হিসেবে কোন ব্যক্তি বা অন্য কেউ তো আসেনি। না আমি কোন ব্যভিচারিণী মেয়ে যে, আমার সে ক্ষেত্রে সন্তান হতে পারতো?!
২১. জিব্রীল (আলাইহিস-সালাম) তাকে বললেন: ব্যাপারটি তেমনই যেমন আপনি উল্লেখ করেছেন যে, আপনাকে স্বামী হিসেবে কোন ব্যক্তি বা অন্য কেউ স্পর্শ করেনি। আপনি কোন ব্যভিচারিণী মেয়েও নন। কিন্তু আপনার মহান প্রতিপালক বলেন: পিতা ছাড়া সন্তান জন্ম দেয়া আমার জন্য কোন কঠিন বিষয় নয়। যেন আপনাকে দেয়া সন্তানটি মানুষের জন্য আল্লাহর অসীম ক্ষমতার একটি আলামত হয় এবং আমার পক্ষ থেকে আপনার জন্য এবং তার উপর ঈমান আনা লোকেদের জন্য রহমত হয়। বস্তুতঃ আপনার এ সন্তানের জন্ম আল্লাহর পক্ষ থেকে একটি নির্ধারিত ফায়সালা যা লাওহে মাহফ‚জে লিখিত আছে।
آية رقم 22
২২. ফিরিশতার ফুঁয়ের পর মারইয়াম (আলাইহাস-সালাম) গর্ভবতী হয়ে যান। ফলে তিনি গর্ভের সন্তানটিকে নিয়ে মানুষ থেকে অনেক দূরের জায়গায় সরে যান।
২৩. ইতিমধ্যে তাঁর প্রসব বেদনা শুরু হয় যা তাঁকে খেজুর গাছের গোড়ায় আশ্রয় নিতে বাধ্য করে। তখন মারইয়াম (আলাইহাস-সালাম) বললেন: হায় আপসোস! আমি যদি এ দিনের আগে মরে যেতাম এবং অনুল্লেখযোগ্য কোন কিছু হয়ে যেতাম। তাহলে কেউ আমার ব্যাপারে কোন কুধারণা করতো না।
২৪. তখন ঈসা (আলাইহিস-সালাম) তাঁর দু’ পায়ের নিচ থেকে ডেকে বললেন: আপনি কোন চিন্তা করবেন না। আপনার নিচ থেকে আপনার প্রতিপালক পানির একটি নালা সৃষ্টি করেছেন। যা থেকে আপনি পানি পান করুন।
آية رقم 25
২৫. আর আপনি খেজুর গাছের গোড়া ধরে ঝাঁকি দিন তাহলে আপনার জন্য তরতাজা খেজুর পড়বে।
২৬. তুমি তাজা খেজুর খাও, পানি পান করো এবং নিজ সন্তানকে নিয়ে আনন্দিত হও আর চিন্তা করো না। তুমি যদি কোন মানুষকে দেখো যে, সে তোমার সন্তানের খবর জানতে চাচ্ছে তখন তুমি তাকে বলো: আমি নিজের উপর আমার প্রতিপালকের জন্য কথা না বলে চুপ থাকা বাধ্যতামূলক করে নিয়েছি। তাই আজ আমি কোন মানুষের সাথে কথা বলবো না।
২৭. এরপর মারইয়াম তার সন্তানকে কোলে নিয়ে নিজ সম্প্রদায়ের নিকট আসলো। তখন তার সম্প্রদায় তার এ কর্মকে খারাপ মনে করে বললো: হে মারইয়াম! তুমি তো একটি জঘন্য পাপের কাজ করে ফেলেছো। তুমি তো পিতা ছাড়া একটি সন্তান নিয়ে আসলে।
২৮. হে হারূনের ন্যায় ইবাদাতকারিণী! (হারূন তখনকার একজন নেককার ব্যক্তি ছিলেন) তোমার পিতা তো ব্যভিচারী ছিলেন না। না তোমার মা ব্যভিচারিণী ছিলেন। তুমি তো একটি প্রসিদ্ধ নেককার ও পবিত্র ঘরের সন্তান। তাহলে তুমি কীভাবে পিতা ছাড়া একটি সন্তান নিয়ে আসলে?!
২৯. তখন তিনি তাঁর সন্তান তথা তার কোলের ‘ঈসা (আলাইহিস-সালাম) এর দিকে ইশারা করলেন। ফলে তার সম্প্রদায় আশ্চর্য হয়ে তাকে বললো: আমরা কীভাবে একটি কোলের বাচ্চার সাথে কথা বলবো?!
آية رقم 30
৩০. ‘ঈসা (আলাইহিস-সালাম) বললেন: নিশ্চয়ই আমি আল্লাহর বান্দা। তিনি আমাকে ইঞ্জীল দিয়েছেন এবং তিনি আমাকে একজন নবী বানিয়েছেন।
৩১. আর আমি যেখানেই থাকি না কেন তিনি আমাকে তাঁর বান্দাদের জন্য অধিক উপকারী ব্যক্তি বানিয়েছেন। উপরন্তু তিনি আমাকে আজীবন সালাত ও যাকাত আদায়ের আদেশ করেছেন।
آية رقم 32
৩২. তিনি আমাকে নিজ মায়ের প্রতি সদাচারী বানিয়েছেন। তিনি আমাকে আমার প্রতিপালকের আনুগত্যের ব্যাপারে অহঙ্কারী ও পাপী বানাননি।
৩৩. আর আমার জন্য আমার জন্ম ও মৃত্যুর দিন এবং আমাকে কিয়ামতের দিবসে জীবিত পুনরুত্থানের দিন শয়তান ও তার সহযোগীদের থেকে বিশেষ নিরাপত্তা রয়েছে। তাই এ তিন একাকীত্বের জায়গায় শয়তান আমাকে পথভ্রষ্ট করতে পারেনি এবং পারবেও না।
৩৪. এ সকল বৈশিষ্ট্যের অধিকারী হলেন ‘ঈসা ইবনু মারইয়াম (আলাইহিস-সালাম)। আর এটিই হলো তাঁর ব্যাপারে একান্ত সত্য কথা। না তাদের কথা যারা পথভ্রষ্ট এবং তাঁর ব্যাপার নিয়ে সন্দিহান ও বিবাদে লিপ্ত।
৩৫. কোন সন্তান গ্রহণ করা আল্লাহর জন্য মানানসই নয়। তিনি এ থেকে পূত-পবিত্র। যখন তিনি কোন কিছু করতে চান তখন তাঁর জন্য এটিই যথেষ্ট যে, তিনি সে ব্যাপারটিকে বলবেন: হয়ে যাও তখন তা অনিবার্যভাবে হয়ে যাবে। আর যিনি এমন তিনি তো সন্তান থেকে অবশ্যই পবিত্র।
৩৬. নিশ্চয়ই আল্লাহ তা‘আলা আমার ও তোমাদের সকলেরই প্রতিপালক। তাই তোমরা এককভাবে তাঁর খাঁটি ইবাদাত করবে। বস্তুতঃ আমি যা তোমাদের জন্য উল্লেখ করেছি তাই সঠিক পথ। যা আল্লাহর সন্তুষ্টির দিকে পৌঁছিয়ে দিবে।
৩৭. অতঃপর ‘ঈসা (আলাইহিস-সালাম) এর ব্যাপারটিকে নিয়ে দ্ব›দ্বকারীরা নিজেদের মাঝে দ্ব›দ্ব করে তাঁর সম্প্রদায়ের মধ্যেই তারা বিভিন্ন দলে বিভক্ত হয়েছে। তাদের কেউ কেউ তাঁর উপর ঈমান এনে বললো: তিনি হলেন আল্লাহর রাসূল। আর অন্যরা তাঁর সাথে কুফরি করেছে যেমন: ইহুদিরা। যেমনিভাবে তাঁর ব্যাপারটিকে নিয়ে বাড়াবাড়ি করে কোন কোন সম্প্রদায় বললো: তিনি হলেন আল্লাহ। অন্যরা বললো: তিনি হলেন আল্লাহর ছেলে। বস্তুতঃ আল্লাহ তা‘আলা এ থেকে অনেক ঊর্ধ্বে। সুতরাং তাঁর ব্যাপারটিকে নিয়ে দ্ব›দ্বকারীদের জন্য খুবই দুর্ভোগ যে তারা কিয়ামতের মহান দিনে হিসাব ও শাস্তি এবং বহু ভয়ঙ্কর চিত্র নিজেদের চোখেই দেখতে পাবে।
৩৮. সেদিন তারা কতো কিছুই না শুনবে আর কতো কিছুই না দেখবে। তবে তারা যখন শুনবে তখন তাদের এ শুনা কোন উপকারেই আসবে না। আর তারা যখন দেখবে তখন তাদের সেই দেখা কোন উপকারেই আসবে না। কিন্তু যালিমরা দুনিয়ার জীবনে সঠিক পথ থেকে সুস্পষ্ট ভ্রষ্টতায় রয়েছে। তারা পরকালের জন্য প্রস্তুত হচ্ছে না। অথচ তাদের এ অবস্থায়ই একদা হঠাৎ তা এসে পড়বে।
৩৯. হে রাসূল! আপনি মানুষদেরকে আফসোস ও লজ্জার দিনের ব্যাপারে ভীতি প্রদর্শন করুন। যখন পাপী তার পাপের ব্যাপারে এবং নেককার ব্যক্তি বেশি আনুগত্য না করতে পেরে লজ্জিত হবে। সেদিন মানুষের আমলনামা গুটিয়ে নেয়া হবে এবং তাদের হিসাব-নিকাশ শেষ করা হবে। উপরন্তু প্রত্যেকেই তার অগ্রিম আমলের দিকে চলে যাবে। অথচ তারা দুনিয়ার জীবনে সে ব্যাপারে ধোঁকায় রয়েছে। আখিরাতের ব্যাপারে তামাশা করছে। বস্তুতঃ তারা কিয়ামতের দিবসে বিশ্বাসী নয়।
آية رقم 40
৪০. সৃষ্টিসমূহ নিঃশেষের পর কেবল আমিই বাকি থাকবো। তখন আমিই জমিন ও তার উপর যারা আছে তাদের সবারই মালিক হবো। কারণ, তখন সবাই ধ্বংস হয়ে যাবে। আমিই কেবল বাকি থাকবো। তাই আমিই তাদের মালিক হবো এবং আমিই ইচ্ছা মতো তাদেরকে পরিচালনা করবো। আর কিয়ামতের দিন হিসাব ও প্রতিদানের জন্য কেবল আমার দিকেই তাদেরকে ফিরিয়ে আনা হবে।
৪১. হে রাসূল! আপনি নিজের উপর নাযিলকৃত কুর‘আনে ইব্রাহীম (আলাইহিস-সালাম) এর সংবাদ উল্লেখ করুন। তিনি ছিলেন অতি সত্যবাদী এবং আল্লাহর আয়াতসমূহে কঠিন বিশ্বাসী। উপরন্তু আল্লাহর পক্ষ থেকে একজন নবী।
৪২. তিনি তার পিতা আযরকে বললেন: হে আমার পিতা! কেন আপনি আল্লাহকে বাদ দিয়ে মূর্তিপূজা করেন? অথচ আপনি তাকে ডাকলে সে আপনার ডাক শুনে না। আপনি তার পূজা করলে সে আপনার পূজা দেখতে পায় না। না সে আপনার কোন ক্ষতি দূর করতে পারে। না সে আপনার কোন উপকার করতে পারে?!
৪৩. হে আমার পিতা! নিশ্চয়ই আমার নিকট ওহীর মাধ্যমে এমন জ্ঞান এসেছে যা আপনার নিকট আসেনি। তাই আপনি আমার অনুসরণ করুন। আমি আপনাকে সঠিক পথ দেখাবো।
৪৪. হে আমার পিতা! আপনি শয়তানের আনুগত্যের মাধ্যমে তার পূজা করবেন না। কারণ, শয়তান আমার দয়ালু প্রভুর অবাধ্য ছিলো। তিনি তাকে আদমের জন্য সাজদাহ করার আদেশ করলে সে সাজদাহ করেনি।
৪৫. হে আমার পিতা! আপনি যদি কুফরির উপর মৃত্যু বরণ করেন তাহলে আমি দয়ালু প্রভুর পক্ষ থেকে আপনার ব্যাপারে আযাবের আশঙ্কা করছি। তখন আপনি শয়তানকে ভালোবাসার দরুন আযাবের ক্ষেত্রে তারই সাথী হবেন।
৪৬. আযর তার ছেলে ইব্রাহীম (আলাইহিস-সালাম) কে বললো: হে ইব্রাহীম! তুমি কি আমার সেই মূর্তিগুলো থেকে মুখ ফিরিয়ে নিয়েছো যেগুলোর আমি পূজা করি?! তুমি যদি আমার মূর্তিগুলোকে গালি দেয়া থেকে বিরত না হও তাহলে আমি অবশ্যই তোমাকে পাথর নিক্ষেপ করবো। তুমি দীর্ঘ সময়ের জন্য আমার থেকে পৃথক হয়ে যাও। আমার সাথে কোন কথা বলো না এবং আমার সাথে সাক্ষাতও করো না।
৪৭. ইব্রাহীম (আলাইহিস-সালাম) তাঁর পিতাকে বললেন: আপনার প্রতি আমার সালাম। আমার পক্ষ থেকে অপছন্দনীয় কোন কিছু আপনার নিকট পৌঁছাবে না। আর আমি আমার প্রতিপালকের পক্ষ থেকে আপনার জন্য ক্ষমা ও হিদায়েত কামনা করবো। নিশ্চয়ই তিনি আমার প্রতি অত্যন্ত দয়াশীল।
৪৮. আল্লাহ তা‘আলা ছাড়া আপনারা যেগুলোর ইবাদাত করেন আমি সেগুলো থেকে এবং আপনাদের থেকে এবং আপনাদের সেই মা’বূদগুলো থেকে পৃথক হয়ে যাচ্ছি। বরং আমি আমার একক প্রতিপালককে ডাকি। তাঁর সাথে আমি কোন কিছুকেই শরীক করি না। আশা করি আমি তাঁকে ডাকলে তিনি আমাকে নিরাশ করবেন না। ফলে আমি তাঁকে ডেকে দুর্ভাগা হবো না।
৪৯. যখন তিনি তাদেরকে ও আল্লাহ তা‘আলা ছাড়া তারা যেগুলোর ইবাদাত করতো সেগুলোকে পরিত্যাগ করলেন তখন আমি তাঁকে নিজ পরিবার হারানোর বিকল্প মিলিয়ে দিলাম। আমি তাঁকে তাঁর ছেলে ইসহাক এবং তাঁর নাতি ইয়াক‚বকে দিলাম। উপরন্তু আমি এঁদের প্রত্যেককে নবীও বানিয়ে দিলাম।
৫০. নবুওয়াতের পাশাপাশি আমি তাঁদেরকে দয়া করে অনেক কল্যাণ দিলাম। উপরন্তু আমি সব সময়ের জন্য আমার বান্দাদের মুখে মুখে তাঁদের সুন্দর প্রশংসা চালু করে দিলাম।
৫১. হে রাসূল! আপনি নিজের উপর নাযিলকৃত কুর‘আনে মূসা (আলাইহিস-সালাম) এর বৃত্তান্ত উল্লেখ করুন। তিনি ছিলেন বিশেষভাবে মনোনীত একজন নবী ও রাসূল।
آية رقم 52
৫২. আমি মূসা (আলাইহিস-সালাম) এর অবস্থান হিসেবে তাঁকে পাহাড়ের ডান দিক থেকে ডেকেছি এবং তাঁকে একান্ত কথা বলার জন্য কাছে নিয়েছি। সেখানে আল্লাহ তা‘আলা তাঁকে নিজের কিছু শুনিয়েছেন।
آية رقم 53
৫৩. আর যখন তিনি তাঁর প্রতিপালকের নিকট এ দু‘আ করলেন তখন আমি তাঁর দু‘আটি কবুল করার খাতিরে নিজ দয়ায় ও রহমতে তাঁর ভাই হারূন (আলাইহিস-সালাম) কে নবী বানিয়ে দিলাম।
৫৪. হে রাসূল! আপনি নিজের উপর নাযিলকৃত কুর‘আনে ইসমাঈল (আলাইহিস-সালাম) এর বৃত্তান্ত উল্লেখ করুন। তিনি ছিলেন সত্যিকারের ওয়াদা রক্ষাকারী। তিনি কোন ওয়াদা করলে তা অবশ্যই পূরণ করতেন। তেমনিভাবে তিনি ছিলেন একজন নবী ও রাসূল।
৫৫. তিনি নিজ পরিবারকে সালাত কায়েম ও যাকাত আদায়ের আদেশ করতেন। উপরন্তু তিনি ছিলেন তাঁর প্রতিপালকের নিকট একজন সন্তুষ্টিভাজন।
৫৬. হে রাসূল! আপনি নিজের উপর নাযিলকৃত কুর‘আনে ইদ্রীস (আলাইহিস-সালাম) এর বৃত্তান্ত উল্লেখ করুন। তিনি ছিলেন অতি সত্যবাদী এবং তাঁর প্রতিপালকের আয়াতসমূহে কঠিন বিশ্বাসী। উপরন্তু আল্লাহর একজন নবী।
آية رقم 57
৫৭. আমি তাঁকে নবুওয়াত দিয়ে তাঁর স্মরণকে সুউচ্চ করেছি। ফলে তিনি হলেন একজন উচ্চ মর্যাদাসম্পন্ন ব্যক্তি।
৫৮. যাকারিয়া (আলাইহিস-সালাম) থেকে শুরু করে সর্বশেষ ইদ্রীস (আলাইহিস-সালাম) পর্যন্ত এ সূরায় উল্লেখিত সকল ব্যক্তিবর্গকে আল্লাহ তা‘আলা নবুওয়াতের নিয়ামত দিয়েছেন। তাঁরা ছিলেন আদম (আলাইহিস-সালাম) এর সন্তান এবং ওদের সন্তান যাদেরকে আমি নূহ (আলাইহিস-সালাম) এর সাথে নৌকায় উঠিয়েছি। উপরন্তু তাঁরা ইব্রাহীম ও ইয়া’ক‚ব (আলাইহিমাস-সালাম) এর সন্তান এবং যাদেরকে আমি ইসলামের প্রতি হিদায়েতের তাওফীক দিয়েছি আর যাদেরকে আমি মনোনীত করে নবী বানিয়েছি। তাঁরা আল্লাহর আয়াতসমূহ পড়তে শুনলে আল্লাহর ভয়ে কান্নারত অবস্থায় তাঁর জন্য সাজদায় পড়ে যেতো।
৫৯. এ মনোনীত নবীদের পরই আসলো খারাপ ও ভ্রষ্টতার অনুসারীরা। যারা নামাযকে নষ্ট করেছে; আল্লাহ তা‘আলা যেভাবে চেয়েছেন সেভাবে তারা তা আদায় করেনি। বরং তারা নিজেদের স্বেচ্ছাচারিতায় পাপসমূহে লিপ্ত হয়েছে যেমন: ব্যভিচার। তাই তারা অচিরেই জাহান্নামে অনিষ্ট ও ব্যর্থতার সাক্ষাত পাবে।
৬০. তবে যে তার ত্রæটি ও অপকর্ম থেকে তাওবা করবে এবং আল্লাহর উপর ঈমান এনে নেক আমল করবে অর্থাৎ যারা এ সকল বৈশিষ্ট্যে বৈশিষ্ট্যময় তারা জান্নাতে প্রবেশ করবে। তাদের আমলসমূহের সাওয়াবে সামান্য কমতিও করা হবে না। চাই তা যে পর্যায়েরই হোক না কেন।
৬১. সেগুলো হবে নিশ্চিন্তে বসবাসের জান্নাত। যেগুলোতে দয়ালু প্রভু তাঁকে না দেখে নেক আমলকারী বান্দাদেরকে প্রবেশ করানোর ওয়াদা করেছেন। বস্তুতঃ তারা জান্নাতগুলো না দেখেই সেগুলোকে বিশ্বাস করেছে। আল্লাহ তা‘আলা তাদের সাথে যে জান্নাতের ওয়াদা করেছেন তা সন্দেহাতীতভাবেই চিরসত্য।
৬২. তারা সেখানে অর্থহীন ও অশ্লীল কথা শুনতে পাবে না। বরং তারা একে অপরের এবং ফিরিশতাদের সালাম শুনতে পাবে। আর সেখানে তাদের চাহিদামত তাদের নিকট সকাল ও সন্ধ্যায় খানা আসতে থাকবে।
৬৩. এ সকল বৈশিষ্ট্যমÐিত জান্নাত আমি আমার আদেশ-নিষেধ মানা বান্দাদেরকে উত্তরাধিকার হিসেবে দেবো।
৬৪. হে জিব্রীল! তুমি মুহাম্মাদ (সাল্লাল্লাহু আলাইহি ওয়াসাল্লাম) কে বলে দাও: ফিরিশতাগণ কখনো নিজ থেকে অবতরণ করেন না। বরং তাঁরা কেবল আল্লাহর আদেশেই অবতরণ করেন। সামনের তথা আখিরাতের ব্যাপার এবং পেছনের তথা দুনিয়ার ব্যাপার উপরন্তু এতদুভয়ের মধ্যকার তথা দুনিয়া ও আখিরাতের মধ্যবর্তী সময়ের ব্যাপার তা সবই আল্লাহর মালিকানাধীন। আর হে রাসূল! আপনার প্রতিপালক কোন কিছুই ভুলেন না।
৬৫. তিনি হলেন আকাশ ও জমিনের ¯্রষ্টা, মালিক এবং সেগুলোর ব্যাপারসমূহের পরিচালনাকারী। তেমনিভাবে তিনি এতদুভয়ের মধ্যকার সবকিছুর ¯্রষ্টা, মালিক ও পরিচালনাকারী। তাই একমাত্র তাঁরই ইবাদাত করো। তিনি হলেন ইবাদাতের একমাত্র উপযুক্ত। উপরন্তু তাঁর ইবাদাতে অটল থাকো। কারণ, ইবাদাতের ক্ষেত্রে তাঁর কোন সমকক্ষ ও সমতুল্য শরীক নেই।
آية رقم 66
৬৬. পুনরুত্থান অস্বীকারকারী কাফির ঠাট্টা করে বলে: আমি কি মারা গেলে অচিরেই নিজ কবর থেকে আবার জীবিত অবস্থায় উঠবো?! এটি তো একেবারেই অসম্ভব বিষয়।
৬৭. এ পুনরুত্থান অস্বীকারকারী কি এ কথা স্মরণ করে না যে, আমি তাকে ইতিপূর্বে সৃষ্টি করেছি। তখন সে কিছুই ছিলো না?! তাই সে প্রথম সৃষ্টি দ্বারা দ্বিতীয় সৃষ্টির প্রমাণ গ্রহন করুক। যদিও দ্বিতীয় সৃষ্টি অত্যন্ত সোজা ও সহজ।
آية رقم 68
৬৮. হে রাসূল! আপনার প্রভুর কসম! আমি অবশ্যই তাদেরকে কবর থেকে হাশরের দিকে বের করে নিয়ে আসবো। সাথে থাকবে তাদের সে শয়তানগুলো যারা তাদেরকে পথভ্রষ্ট করেছে। অতঃপর আমি অবশ্যই তাদেরকে লাঞ্ছিত ও নতজানু অবস্থায় জাহান্নামের দরজাগুলোর দিকে হাঁকিয়ে নিয়ে যাবো।
৬৯. অতঃপর আমি প্রত্যেক ভ্রষ্ট দল থেকে সবচেয়ে কঠিন অবাধ্যকে শক্তি ও কঠোরতা প্রয়োগে টেনে নিয়ে আসবো। যারা হলো মূলতঃ তাদের নেতৃস্থানীয়।
آية رقم 70
৭০. আমি ওদের সম্পর্কে অবশ্যই ভালো জানি, যারা জাহান্নামে প্রবেশের এবং তার উত্তপ্ত আগুনে দগ্ধ হওয়ার অধিক উপযুক্ত।
৭১. হে মানুষ! তোমাদের প্রত্যেককে অচিরেই জাহান্নামের পিঠের উপর লাগানো পুলের উপর দিয়ে পথ অতিক্রম করতে হবে। এ পথ অতিক্রম করা কিন্তু আল্লাহর চূড়ান্ত ফায়সালাকৃত বিষয়। তাঁর ফায়সালা প্রত্যাখ্যান করার কেউ নেই।
آية رقم 72
৭২. এ পুলের উপর দিয়ে পথ অতিক্রম করার পর আমি ওদেরকে নিরাপদে রাখবো যারা তাদের প্রতিপালকের আদেশ ও নিষেধ মেনে কেবল তাঁকেই ভয় করেছে। আর জালিমদেরকে নতজানু অবস্থায় রেখে দেবো। তারা কখনো সেখান থেকে পালিয়ে যেতে পারবে না।
৭৩. আমার রাসূলের উপর নাযিলকৃত সুস্পষ্ট আয়াতসমূহ যখন মানুষের সামনে পড়া হয় তখন কাফিররা মু’মিনদেরকে বলে: আমাদের মধ্যকার কোন্ দলটি সর্বোত্তম আবাসস্থল এবং সর্বসুন্দর বৈঠক ও সমাজে অবস্থান করবে; আমাদের দল না তোমাদের দল?!
৭৪. বৈষয়িক উন্নতির অহঙ্কারে আত্মহারা এ কাফিরদের পূর্বে আমি অনেক জাতিকে ধ্বংস করে দিয়েছি। যারা সম্পদের দিক দিয়ে এদের চেয়ে অনেক উন্নত ছিলো এবং উন্নত পোশাক ও সুঠাম দেহের জন্য তাদেরকে অনেক সুন্দর দেখাচ্ছিলো।
৭৫. হে রাসূল! আপনি বলে দিন: যারা নিজ ভ্রষ্টতায় উদ্ভ্রান্ত তাদেরকে দয়ালু প্রভু অচিরেই আরো সময় দিবেন যেন তারা আরো বেশি পথভ্রষ্ট হয়। যখন তারা তাদের সাথে ওয়াদাকৃত দুনিয়ার নগদ ও কিয়ামতের দিনের বাকি শাস্তি দেখবে তখন তারা অচিরেই বুঝতে পারবে যে, কার অবস্থান অতি নিকৃষ্ট এবং কার সাহায্যকারী খুবই নগণ্য। সেটি তাদের দল না মু’মিনদের দল?
৭৬. বেশি ভ্রষ্টতার জন্য এদেরকে সময় দেয়ার বিপরীতে আল্লাহ তা‘আলা হিদায়েতপ্রাপ্তদের ঈমান ও আনুগত্য বাড়িয়ে দিবেন। হে রাসূল! যে নেক আমলগুলো চিরন্তন সৌভাগ্যের দিকে পৌঁছিয়ে দিবে তা প্রতিদান ও শুভ পরিণতির দিক দিয়ে আপনার প্রতিপালকের নিকট খুবই গুরুত্বপূর্ণ ও উপকারী।
آية رقم 77
৭৭. হে রাসূল! আপনি কি ওকে দেখেছেন যে আমার প্রমাণাদি ও হুমকিকে অস্বীকার করে বলেছে, আমি যদি মারা যাই এবং আমাকে পুনরুত্থান করা হয় তাহলে আমাকে অবশ্যই প্রচুর ধন-সম্পদ ও সন্তান-সন্ততি দেয়া হবে।
آية رقم 78
৭৮. সে কি গায়েব জানে, ফলে সে যা বলেছে তা প্রমাণসহ বলেছে?! না কি সে তার প্রতিপালকের নিকট থেকে এমন অঙ্গীকার নিয়েছে যে, তিনি অবশ্যই তাকে জান্নাতে প্রবেশ করাবেন এবং তাকে ধন-সম্পদ ও সন্তান-সন্ততি দিবেন?!
৭৯. ব্যাপারটি সে রকম নয় যা তারা ধারণা করেছে। বরং আমি সহসাই তারা যা বলে ও করে তা সবই লিপিবদ্ধ করবো। এমনকি আমি তার বাতিল দাবির দরুন তার শাস্তির উপর আরো শাস্তি বাড়িয়ে দেবো।
آية رقم 80
৮০. উপরন্তু তাকে ধ্বংস করার পর আমি তার ছেড়ে যাওয়া ধন-সম্পদ ও সন্তান-সন্ততির উত্তরাধিকারী হবো। ফলে সে কিয়ামতের দিন আমার নিকট একাকী উপস্থিত হবে। যার ভোগের সম্পদ ও পদাদি কেড়ে নেয়া হয়েছে।
آية رقم 81
৮১. মুশরিকরা আল্লাহ তা‘আলা ছাড়া নিজেদের জন্য কিছু মা’বূদ গ্রহণ করে নিয়েছে। যাতে তারা ওদের সাহায্যকারী ও সহযোগী হতে পারে।
آية رقم 82
৮২. ব্যাপারটি সে রকম নয় যা তারা ধারণা করেছে। কারণ, এ মা’বূদরা -আল্লাহ তা‘আলা ছাড়া তারা যাদের ইবাদাত করছে তারা- অচিরেই কিয়ামতের দিন মুশরিকদের ইবাদাতকে অস্বীকার এবং তাদের থেকে নিজেদের সম্পর্কচ্ছিন্নতা ঘোষণা করবে। উপরন্তু তারা ওদের শত্রæ বনে যাবে।
৮৩. হে রাসূল! আপনি কি দেখেননি যে, নিশ্চয়ই আমি শয়তানদেরকে পাঠিয়ে তাদেরকে কাফিরদের উপর লাগিয়ে দিয়েছি? যারা তাদেরকে গুনাহের কাজে এবং আল্লাহর দ্বীন থেকে সরিয়ে নেয়ার কাজে বিপুলভাবে উৎসাহিত করে।
آية رقم 84
৮৪. তাই হে রাসূল! আপনি আল্লাহর নিকট তাদের দ্রæত ধ্বংস কামনা করবেন না। আমি তাদের বয়স ভালোভাবে হিসাব করে রাখছি। যখন তাদেরকে ঢিল দেয়ার সময়টুকু শেষ হয়ে যাবে তখন আমি তাদেরকে অবশ্যই উপযুক্ত শাস্তি দেবো।
آية رقم 85
৮৫. হে রাসূল! আপনি স্মরণ করুন কিয়ামতের দিনের কথা যখন আমি তাদের প্রতিপালকের আদেশ-নিষেধ মেনে তাঁকে ভয় করা লোকদেরকে নিজেদের প্রতিপালকের নিকট সম্মানিত ও মর্যাদাপূর্ণ প্রতিনিধিরূপে একত্রিত করবো।
آية رقم 86
৮৬. আর আমি কাফিরদেরকে জাহান্নামের দিকে তৃষ্ণার্তভাবে হাঁকিয়ে নিয়ে যাবো।
৮৭. এ কাফিররা তাদের কারো জন্য সুপরিশের মালিক হবে না। তবে যে ব্যক্তি দুনিয়াতে আল্লাহ ও তাঁর রাসূলের উপর ঈমান এনে তাঁর সাথে চুক্তিতে আবদ্ধ হয়েছে তার কথা ভিন্ন।
آية رقم 88
৮৮. ইহুদি, খ্রিস্টান ও কিছু মুশরিকরা বললো: দয়ালু প্রভু সন্তান গ্রহণ করেছেন।
آية رقم 89
৮৯. হে এমন উক্তিকারীরা! তোমরা একটি ভয়ঙ্কর বস্তু নিয়ে এসেছো।
৯০. এ অসৎ কথার দরুন আকাশগুলো খÐবিখÐ হওয়া এবং জমিন ফেটে যাওয়া ও পাহাড়সমূহ ধ্বসে পড়ার উপক্রম হয়েছে।
آية رقم 91
৯১. এসবই এ জন্য যে, তারা দয়ালু প্রভুর প্রতি সন্তানকে সম্পৃক্ত করেছে। বস্তুতঃ আল্লাহ তা‘আলা এ থেকে অনেক ঊর্ধ্বে।
آية رقم 92
৯২. দয়াময় প্রভুর জন্য শোভনীয় নয় যে, তিনি নিজের জন্য সন্তান গ্রহণ করবেন। কারণ, তিনি তা থেকে পবিত্র।
৯৩. আকাশের ফিরিশতারা এবং জমিনের মানুষ ও জিন সবাই কিয়ামতের দিন নিজ প্রতিপালকের নিকট বিনয়ী হয়ে আসবে।
آية رقم 94
৯৪. তিনি তাদের সব কিছুই জানেন এবং তাদেরকে তিনি ভালোভাবে গণনা করে রেখেছেন। তাই তাদের কোন কিছুই তাঁর নিকট গোপন নয়।
آية رقم 95
৯৫. তাদের সবাই কিয়ামতের দিন তাঁর নিকট একাকীভাবে আসবে। সেদিন তার কোন সাহায্যকারী ও সম্পদ থাকবে না।
৯৬. নিশ্চয়ই যারা আল্লাহর উপর ঈমান এনেছে এবং তাঁর সন্তুষ্টি মাফিক নেক আমল করেছে আল্লাহ তা‘আলা অচিরেই তাদের জন্য তাঁর একান্ত ভালোবাসা নির্ধারণ করবেন। তিনি নিজেই তাদেরকে ভালোবাসবেন এবং তাঁর বান্দাদের নিকটও তাদেরকে ভালোবাসার পাত্র বানাবেন।
৯৭. হে রাসূল! আমি এ কুর‘আনকে আপনার ভাষায় নাযিল করে তাকে অতি সহজ করেছি। যাতে আপনি এরই মাধ্যমে আমার আদেশ ও নিষেধ মানা মুত্তাকীদেরকে জান্নাতের সুসংবাদ এবং সত্য মানার ক্ষেত্রে কঠিন ঝগড়াটে ও হঠকারী সম্প্রদায়কে জাহান্নামের ভীতি প্রদর্শন করতে পারেন।
৯৮. আমি আপনার সম্প্রদায়ের পূর্বে বহু সম্প্রদায়কে ধ্বংস করে দিয়েছি। আপনি কি আজ সে জাতিগুলোর কোনটিকে অনুভব করতে পারছেন?! নাকি আপনি তাদের কোন গোপন আওয়াজ শুনতে পাচ্ছেন?! তাদের ব্যাপারে যা ঘটেছে তা আল্লাহর অনুমতি সাপেক্ষে অন্যের ব্যাপারেও ঘটতে পারে।
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